उत्तर प्रदेश में 21125 परिषदीय स्कूलों के 80 प्रतिशत छात्र निपुण
लखनऊ: परिषदीय प्राथमिक स्कूलों School में बालवाटिका Baal vatika से कक्षा दो तक के छात्रों students को गणित व भाषा में दक्ष बनाने के लिए निपुण भारत मिशन nipun Bharat mission चलाया जा रहा है। सिर्फ रटने से नहीं सीखनें व समझनें से पढ़ाई आसान होगी यह बच्चों को बताया जा रहा है।जिसके तहत कक्षा Class एक के छात्रों को 20 रुपये तक के नोट व सिक्कों की पहचान करना और छिटपुट वित्तीय लेनदेन में दक्ष होने पर निपुण माना जाएगा। वहीं कक्षा दो के छात्र 100 रुपये rupye तक के नोट व सिक्कों की पहचान करने में सक्षम होंगे तो उन्हें निपुण nipun छात्र की श्रेणी में रखा जाएगा।
बच्चों को गिनती, जोड़ व घटाव व भाषा को वास्तविक जीवन से जोड़कर समझाया जा रहा है। जिससे वह सरल ढंग से पढ़ाई कर सकें। वह अपने रोजमर्रा के जीवन में पढ़ाई का उपयोग बचपन से ही सीख सकें इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति new education policy के तहत निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को संशोधित किया गया है। 21125 परिषदीय स्कूलों School के 80 प्रतिशत छात्र निपुण घोषित किए गए हैं। अक्तूबर से लेकर दिसंबर तक किए गए स्थलीय आंकलन रिपोर्ट Report के अनुसार 21087 स्कूल School ऐसे हैं, जिनमें 33 प्रतिशत से कम छात्र निपुण पाए गए हैं। वहीं इससे पहले 48 हजार विद्यालयों vidalaya को निपुण घोषित किया जा चुका है। निपुण भारत मिशन nipun Bharat mission में छात्रों के सीखने पर पूरा जोर दिया जा रहा है। अब दिसंबर में नई गाइडलाइन के अनुसार बदलाव होगा।