UP SIR Leatest Update :- SIR फॉर्म भरने में कौन सी गलती पहुंचा देगी जेल?, 1 साल तक कैद, जानिए
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान की गति अब और तेज होगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि एसआईआर कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से एसआईआर में लगे कार्मिकों की सतत निगरानी की जा रही है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और लगन से निभाएं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि एसआईआर फॉर्म भरने में कौन सी गलती भारी पड़ सकती है।
एक वोटर, एक फॉर्म:मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश भर में एसआईआर अभियान तेजी से चल रहा है. राजनीतिक दलों ने 3.99 लाख बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए हैं, जबकि प्रदेश में लगभग 3 लाख बूथ हैं. बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र (फॉर्म) दे रहे हैं और उन्हें भरने का तरीका समझा रहे हैं।
अगर 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं:उन्होंने बताया कि जिन लोगों का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, वे फॉर्म के ऊपरी कॉलम में अपनी फोटो, नाम, माता-पिता का नाम और EPIC नंबर भरें. जिनका नाम 2003 की सूची में है, वे नीचे वाले कॉलम में वही विवरण भरें जो 2003 की सूची में दर्ज है जिनके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम 2003 की सूची में नहीं है, वे भी निर्धारित कॉलम भरने के बाद हस्ताक्षर करें।
ऐसे आवदेक को भेजा जाएगा जेल:मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति एक ही वोटर के नाम से दो बार फॉर्म भरता है, तो उसकी पहचान की जाएगी और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे व्यक्ति को एक वर्ष की सजा करवाई जाएगी उन्होंने बताया कि नए वोटर फॉर्म-6 भरकर आगामी 2027 के चुनाव के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।
शिकायतों पर सख्ती: नवदीप रिणवा ने कहा कि राजनीतिक दलों से मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जा रही है. इसके लिए प्रत्येक जिले में एक कॉल सेंटर,और राज्य स्तर पर लखनऊ मुख्यालय में एक केंद्रीय सुविधा केंद्र स्थापित किया गया है. मतदाता किसी भी समस्या या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1950 पर अपने जिले का कोड डालकर संपर्क कर सकते हैं।
99.57% गणना प्रपत्र वितरित:सीईओ ने बताया कि 99.57% मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंच चुके हैं, लेकिन जहां बीएलओ प्रपत्र नहीं पहुंचा पाए हैं, वहां तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी मतदाता तक फॉर्म पहुंचने में देरी न हो।
हेल्प डेस्क की स्थापना के निर्देश: उन्होंने सभी डीएम और ईआरओ को निर्देश दिए हैं कि जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, नगर निगम/नगर पालिका कार्यालय, विकासखंड कार्यालयों में मतदाता हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं।
केंद्रों पर क्या उपलब्ध होगा:मतदाताओं को सहायता, फॉर्म भरने की जानकारी और अन्य समस्याओं का समाधान इन केंद्रों पर उपलब्ध होगा. इसके अलावा, हर जिले को गणना प्रपत्र भरने से संबंधित वीडियो बनाकर मीडिया और सोशल मीडिया पर जारी करने को भी कहा गया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी बीएलओ BLO App का एडवांस वर्जन 8.78 डाउनलोड कर लें और फॉर्म की रियल-टाइम डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करें. मतदाता चाहे तो voters.eci.gov.in पर जाकर अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन भी भर सकते हैं।
भ्रामक पोस्ट पर तुरंत दें तथ्यात्मक उत्तर:सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि एसआईआर से जुड़ी किसी भी भ्रामक या नकारात्मक सोशल मीडिया पोस्ट का तत्काल संज्ञान लें और तथ्य आधारित स्पष्टीकरण जारी करें. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में एसआईआर कार्य पूर्ण किया जाए।