उन्नाव में बड़ा सवाल: नाबालिग के हाथ में स्कूली बच्चों की जिम्मेदारी

उन्नाव में बड़ा सवाल: नाबालिग के हाथ में स्कूली बच्चों की जिम्मेदारी

वायरल वीडियो के बाद हरकत में प्रशासन, कार्रवाई के संकेत उन्नाव जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्कूली बच्चों की रोज़ की आवाजाही को लेकर लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक नाबालिग लड़का ई-रिक्शा चलाते हुए बच्चों को स्कूल ले जा रहा है।

वीडियो ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल

यह वीडियो तेजी से शेयर हो रहा है। इसमें दिख रहा है कि ई-रिक्शा चालक न तो ड्राइविंग लाइसेंस रखता है और न ही उसकी उम्र वाहन चलाने की कानूनी पात्रता पूरी करती है। इसके बावजूद, वही बच्चा कई मासूम छात्रों की जिम्मेदारी संभाले सड़क पर दौड़ रहा था।
यह नज़ारा किसी भी अभिभावक को बेचैन करने के लिए काफी है।

रोज़ का रास्ता, रोज़ का खतरा

जानकारी के अनुसार, ई-रिक्शा मोहकंपुर बजितपुर गांव से तालिहाई गांव स्थित बजरंग बल विद्या मंदिर स्कूल जा रहा था। रास्ते में कुछ राहगीरों को शक हुआ। उन्होंने रिक्शा रुकवाया और पूछताछ की। यहीं खुलासा हुआ कि चालक नाबालिग है और उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं है।
इसके बाद लोगों ने वीडियो रिकॉर्ड किया, जो कुछ ही देर में वायरल हो गया।

अभिभावकों में नाराज़गी, लोगों में गुस्सा

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और माता-पिता में नाराज़गी साफ दिख रही है। सवाल उठ रहे हैं—
अगर रास्ते में कोई हादसा हो जाता, तो जिम्मेदारी किसकी होती?
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से तय important guidelines आखिर ज़मीन पर क्यों नहीं दिख रहीं?

क्षेत्र में आम हो चुकी है यह लापरवाही

यह मामला बिहार थाना क्षेत्र के मोहकंपुर बजितपुर गांव का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा और अन्य वाहन चलाना कोई नई बात नहीं है। शिकायतें होती हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई कम ही देखने को मिलती है।
यही वजह है कि government benefits और नियम होने के बावजूद, सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है।

जांच और कार्रवाई का आश्वासन

मामले पर यातायात प्रभारी सुनील सिंह ने कहा है कि वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी। इसमें नाबालिग चालक के साथ-साथ वाहन मालिक और स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

निष्कर्ष

यह घटना सिर्फ एक वीडियो नहीं है, बल्कि सिस्टम के लिए चेतावनी है। बच्चों की सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि यह latest update सिर्फ बयान तक सीमित रहती है या वास्तव में सख्त कदम उठाए जाते हैं, ताकि भविष्य में कोई भी मासूम इस तरह के जोखिम में न पड़े।

 

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