शीतकालीन सत्र में शिक्षकों की समस्याओं का उठेगा मुद्दा: सांसद
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) TET निर्णय पर पुर्नविचार और कानूनी हस्तक्षेप की मांग को लेकर जिलाध्यक्ष डॉ. अरविंद निषाद की नेतृत्व में रविवार को सांसद रामप्रसाद चौधरी को ज्ञापन सौंपा।सांसद रामप्रसाद चौधरी ने कहा कि शिक्षकों Teacher की आश्वस्त किया कि उनके स्तर से हर संभव सहयोग किया जाएगा और इस मुद्दे को शीतकालीन सत्र में इस बिंदु को उठाने का प्रयास किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष डॉ. अरविंद निषाद ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षकों Teacher के लिए टीईटी TET अनिवार्य कर दिया है। चाहे नियुक्ति कोई भी हो। उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रदेश Pradesh सहित देश के लगभग 20 लाख शिक्षकों Teacher की सेवा, सुरक्षा आजीविका और पदोन्नति promotion पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
जिला महामंत्री अटल बिहारी गौड़ ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और एनसीटीई की अधिसूचना अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्ति शिक्षक विधिक रुप से आयोग एवं अपवर्जित श्रेणी में थे। जबकि टीईटी tet पास करना आवश्यक था। कोषाध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि सेवा शर्त के बीच में बदलना न्यायसंगत नहीं है। इस दौरान अमरेंद्र चौधरी, विनय प्रकाश श्रीवास्तव, पंकज गिरी, हरिप्रसाद मिश्र, दुखराम चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




