शिक्षामित्रों को बजट से झटका, बढ़े मानदेय की उम्मीद टूटी
कन्नौज: जिले के 1459 परिषदीय विद्यालयों vidalaya में तैनात करीब 1800 शिक्षामित्रों shikshamitro को इस बार के राज्य बजट budget से बड़ी निराशा हाथ लगी है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि और चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे शिक्षामित्रों shikshamitro को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री CM की 5 सितंबर September की घोषणा के बाद बजट में उनके लिए ठोस प्रावधान किया जाएगा।लेकिन बजट budget में न तो मानदेय mandey बढ़ाने का कोई उल्लेख हुआ और न ही स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था की गई। जिले में शिक्षामित्र shikshamitra प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। ग्रामीण अंचलों के स्कूलों में बच्चों की नियमित पढ़ाई, नामांकन और शैक्षिक गतिविधियों की जिम्मेदारी बड़ी संख्या में इन्हीं के कंधों पर है।
जिले District के शिक्षामित्रों shikshamitro को विशेष रूप से उम्मीद थी कि इस बार उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी, जिससे बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का खर्च संभालना आसान हो सके। बजट budget पेश होने के बाद शिक्षामित्रों में मायूसी साफ देखी गई। कई शिक्षामित्रों shikshamitro ने कहा कि मुख्यमंत्री CM की घोषणा से उनमें नई उम्मीद जगी थी, लेकिन बजट budget में प्रावधान न होने से वे खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
उनका कहना है कि वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्य करते हुए भी उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिल पा रहा है। शिक्षामित्रों shikshamitro ने सरकार government से जल्द अलग से आदेश जारी कर मानदेय mandey वृद्धि और चिकित्सा सुविधा लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे की रणनीति बनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल शिक्षामित्र shikshamitra बढ़े मानदेय mandey की आस में सरकार की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।