शिक्षक सम्मान समारोह, सेवानिवृत्त शिक्षकों को भावुक विदाई
फिरोजाबाद में शनिवार का दिन शिक्षकों के नाम रहा। तिलक इंटर कॉलेज परिसर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के साथ-साथ अन्य जनपदों से आए शिक्षक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। माहौल औपचारिक नहीं, बल्कि अपनत्व और सम्मान से भरा हुआ था।
मुख्य अतिथि ने साझा किए अहम विचार
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. दिलीप यादव रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षक सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं होते, वे समाज की दिशा तय करते हैं। वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों का अनुभव आज भी उतना ही मूल्यवान है। उनका मार्गदर्शन नई पीढ़ी के लिए आधार बनता है।
सम्मान और विदाई, दोनों का संतुलन
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, सेवा से निवृत्त शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। कुछ शिक्षकों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए, जिससे माहौल भावुक भी हुआ और प्रेरक भी।
दूसरे जिलों से आए शिक्षकों की मौजूदगी
इस आयोजन में अन्य जनपदों से आए शिक्षकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसे आयोजन आपसी समन्वय बढ़ाते हैं और शिक्षकों को यह एहसास दिलाते हैं कि उनका काम सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा है।
आयोजन का उद्देश्य और संदेश
संघ ने साफ किया कि यह कार्यक्रम किसी औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने के लिए रखा गया था। latest update के तौर पर संघ भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को जारी रखने की योजना बना रहा है, ताकि शिक्षकों का मनोबल बना रहे।
यह समारोह याद दिलाता है कि शिक्षक जब मंच पर सम्मान पाते हैं, तो उसका असर सिर्फ उन पर नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर पड़ता है। अनुभव का सम्मान और सेवा की कद्र—यही इस आयोजन का असली संदेश रहा।