सेवानिवृत्त शिक्षकों के भुगतान में देरी पर सख्ती, 15 अप्रैल तक मांगी रिपोर्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों से 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के भुगतान एवं पेंशन में हो रही देरी को लेकर विभाग अब सख्त हो गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिलों से लंबित मामलों की विस्तृत रिपोर्ट 15 अप्रैल 2026 तक भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
📌 क्या है पूरा मामला?
सेवानिवृत्त शिक्षकों को भुगतान और पेंशन में देरी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई शिक्षकों को अपने भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, साथ ही उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर भी लगाने पड़े।
📝 संगठन ने उठाई थी आवाज
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुनील कुमार बहाना और महामंत्री डॉ. रवि भूषण ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए निदेशक को पत्र भेजा था। पत्र में शिक्षकों की परेशानी को उजागर करते हुए जल्द समाधान की मांग की गई थी।
⚠️ विभाग का सख्त रुख
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने बताया कि:
- सभी जिलों से जानकारी एकत्र की जा रही है
- 15 अप्रैल तक समीक्षा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी
- इसके बाद भुगतान में देरी की समस्या को खत्म करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे
📊 क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
- हजारों सेवानिवृत्त शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद
- भुगतान और पेंशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी
- भविष्य में देरी की समस्या कम होगी
सरकार और शिक्षा विभाग अब इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं। 15 अप्रैल तक रिपोर्ट आने के बाद उम्मीद है कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय पर भुगतान मिल सकेगा और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।


