सरकार खर्च कर रही करोड़ों, फिर भी शिक्षा व्यवस्था राम भरोसे ब्लैक बोर्ड पर लिख रहे हैं पेपर के सवाल
Ghazipur News: यूपी के गाजीपुर से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है जहां बेसिक स्कूल की परिक्षा में छात्रों को प्रश्न पत्र की जगह ब्लैक बोर्ड पर लिखकर सवाल दिए जा रहे हैं गाजीपुर में इन दिनों 21 अगस्त से प्रथम सत्र परीक्षा चल रहा है जो गाजीपुर के करीब 2266 विद्यालयों में संपादित किया जा रहा है लेकिन किसी भी विद्यालय की परीक्षा में छात्रों को पेपर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है बल्कि प्रश्न पत्र को अध्यापकों के द्वारा ब्लैक बोर्ड पर लिखकर परीक्षा को संपन्न कराया जा रहा है।
इतना ही नहीं एक ही ब्लैक बोर्ड पर दो कक्षाओं के प्रश्न पत्रों भी टीचरों के द्वारा लिखा जा रहा है और छात्र उन प्रश्नों का जवाब अपने कॉपी में देते हुए नजर आ रहे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा सब पढे सब बढ़े के उद्देश्य से करोड़ों रुपया बेसिक शिक्षा पर खर्च कर रहा है ताकि बेसिक शिक्षा विभाग के छात्र भी निजी विद्यालयों के छात्रों से दो-दो हाथ कर सके लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग ही नजर आ रही है।
सरकार पानी की तरह बहा रही है पैसा
उत्तर प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा रही है जिसमें छात्रों को जूता से लेकर ड्रेस बैक के साथ ही उनके शिक्षा के स्तर को ऊपर उठने के लिए प्रशिक्षित टीचरों की भी नियुक्ति कर उन्हें महीने का लाखों रुपए वेतन में दे रही है लेकिन जब उन टीचरों के द्वारा पढ़ाए गए छात्रों के मूल्यांकन यानी कि उनकी परीक्षा की बात आ रही है तब परीक्षा में गुणवत्ता लाने के बजाय राम भरोसे छोड़ दिया जा रहा है।
गाजीपुर में इन दिनों 2266 परिषद विद्यालय में चल रहे परीक्षाओं में भी देखा जा रहा है जहां पर अलग-अलग विषयों के प्रश्न पत्र छात्रों को देने के बजाय टीचर अपने हिसाब से ब्लैक बोर्ड पर उसे अंकित कर रहे हैं और छात्र उन प्रश्नों को पढ़कर इसका जवाब अपने कॉपी में दे रहे हैं।
प्रश्न पत्रों को ब्लैक बोर्ड पर लिखा जा रहा है
ऐसा नजारा गाजीपुर में कोतवाली इलाके के पीर नगर और सुभाष नगर के विद्यालय में भी देखने को मिला जहां की महिला टीचर के द्वारा प्रश्न पत्रों को ब्लैक बोर्ड पर लिखा जा रहा है और छात्र भी उन्हें प्रश्नों का जवाब अपने कॉपी में दे रहे हैं।
ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि बेसिक शिक्षा विभाग की जब यह स्थिति है तो उनके शिक्षा में कितनी गुणवत्ता होगी और वह गुणवत्ता लाने के लिए कितना प्रयास कर रहे हैं. इस मामले पर जब विद्यालय में कार्यरत टीचर और प्रिंसिपल से बात की गई तो उनका कहना है कि विभाग के द्वारा मिले निर्देश के क्रम में 21 अगस्त से 30 अगस्त तक विभिन्न विषयों को अलग-अलग दिनों में परीक्षा संपन्न कराया जा रहा है।
इसके लिए विभाग से बताया गया है कि प्रश्न पत्रों को अपने अनुसार उनका ब्लैक बोर्ड पर लिखा जाए जिसका जवाब छात्र कॉपी में देंगे महिला टीचर ने यह भी बताया कि कभी-कभी परीक्षा में प्रश्न पत्र आ जाते हैं और कभी-कभी नहीं आते और नहीं आने पर इसी तरह के प्रश्न पत्रों को ब्लैक बोर्ड पर लिखकर परीक्षाओं को संपन्न कराया जाता है।