मांग: शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय में 1000 के अंतर को समाप्त कर समान मानदेय निर्धारित किए जाने के सम्बन्ध में

मांग: शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय में 1000 के अंतर को समाप्त कर समान मानदेय निर्धारित किए जाने के सम्बन्ध में

लखनऊ, 24 फरवरी 2026।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में ₹1000 के अंतर को समाप्त कर समान मानदेय निर्धारित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में संघ की ओर से प्रदेश महामंत्री संतोष देवी यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।
पत्र में कहा गया है कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय ₹18000 तथा अनुदेशकों का ₹17000 निर्धारित किया जाना स्वागत योग्य कदम है और इसके लिए सरकार का आभार व्यक्त किया गया है। हालांकि, दोनों वर्गों के मानदेय में ₹1000 का अंतर बनाए रखना तर्कसंगत नहीं बताया गया है।
संघ का कहना है कि शिक्षामित्र जहां कक्षा 1 से 5 तक शिक्षण कार्य करते हैं, वहीं अनुदेशक कक्षा 6 से 8 तक विषय आधारित शिक्षण कार्य संपादित करते हैं। दोनों ही वर्ग विद्यालय संचालन, नामांकन वृद्धि, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में समान रूप से योगदान दे रहे हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मानदेय में अंतर बने रहने से कर्मचारियों के बीच असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जो शिक्षा व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए उचित नहीं है।
संघ ने मुख्यमंत्री से विनम्र अनुरोध किया है कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वर्तमान ₹1000 के अंतर को समाप्त कर समान मानदेय निर्धारित किया जाए, ताकि दोनों वर्गों का मनोबल मजबूत हो और शिक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
इस पत्र की प्रतिलिपि बेसिक शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव (बेसिक शिक्षा), प्रमुख सचिव (वित्त), महानिदेशक स्कूल शिक्षा तथा निदेशक बेसिक शिक्षा को भी प्रेषित की गई है।

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