शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को लेकर वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री ने कहीं यह बात
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों को बड़ी राहत देते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। इस योजना के तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया एवं उनके परिवार के सदस्य बिना किसी शुल्क या प्रीमियम के इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए लाभार्थियों को अपनी जेब से कोई भी राशि खर्च नहीं करनी होगी। योजना का संपूर्ण वित्तीय भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। सरकार की इस पहल से शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदेश के लगभग 15 लाख शिक्षा कर्मियों को मिलेगी। इसके लिए योगी सरकार प्रति वर्ष करीब 450 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय भार उठाएगी। यह निर्णय शिक्षा कर्मियों के कल्याण की दिशा में सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले से न केवल शिक्षा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान आर्थिक चिंताओं से भी राहत मिलेगी। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया है।
