Gold–Silver Price Today : वैश्विक तनाव के बीच सोना 1.48 लाख के पार, चांदी 3 लाख के ऊपर
वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ते ही सोना-चांदी ने नई ऊंचाइयों को छू लिया है। अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच ग्रीनलैंड को लेकर छिड़े टैरिफ वॉर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। नतीजा यह रहा कि सोमवार को कीमती धातुओं की मांग अचानक तेज हो गई।
चांदी में एक ही दिन में 10,000 रुपये की जोरदार उछाल दर्ज की गई। भाव सीधे 3,02,600 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। वहीं सोना भी पीछे नहीं रहा। इसमें 1,900 रुपये की बढ़त हुई और कीमत 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा पहुंची।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, जब भी वैश्विक स्तर पर तनाव या आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित विकल्प तलाशते हैं। ऐसे समय में सोना और चांदी सबसे भरोसेमंद निवेश माने जाते हैं। यही वजह है कि इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
MCX पर भी दिखा असर
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में मार्च डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव करीब 6 प्रतिशत चढ़कर 3.10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के नए स्तर पर पहुंच गया। गौर करने वाली बात यह है कि 31 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत 2,35,701 रुपये प्रति किलोग्राम थी। यानी अब तक इसमें करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। सोने की बात करें तो फरवरी डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट में भी मजबूत तेजी देखी गई। कीमत 2,983 रुपये यानी करीब 2.09 प्रतिशत बढ़कर 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मौजूदा हालात में बाजार की नजरें आने वाले दिनों की latest update, official announcement और वैश्विक नीतिगत फैसलों पर टिकी हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोना-चांदी आगे भी मजबूत रह सकते हैं।
टैरिफ वॉर और वैश्विक तनाव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट के समय सोना-चांदी निवेशकों की पहली पसंद क्यों बनते हैं। फिलहाल बाजार में सतर्कता जरूरी है, लेकिन सुरक्षित निवेश की तलाश में कीमती धातुएं मजबूती से टिकी नजर आ रही हैं।