Census Duty Alert: जनगणना ड्यूटी से इनकार पड़ा भारी, 10 कर्मचारियों पर FIR
राष्ट्रीय जनगणना जैसे बड़े काम में लापरवाही अब सीधे कानूनी कार्रवाई तक पहुंच रही है। ताजा latest update के मुताबिक, नागपुर में जनगणना 2026-27 की ड्यूटी से इनकार करने वाले 10 शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों पर FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
नगर निगम ने इस मामले को गंभीर मानते हुए साफ संकेत दे दिया है कि सरकारी जिम्मेदारियों से पीछे हटना अब आसान नहीं होगा।
2. क्या है पूरा मामला? (Official Details)
मामला तब सामने आया जब जनगणना कार्य के लिए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षकों और प्रगणकों ने अपने आदेश लेने से ही इनकार कर दिया।
इसके बाद नागपुर नगर निगम के अधिकारियों ने यशोधरा नगर थाने में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए।
सरल भाषा में समझें—यह सिर्फ एक ड्यूटी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का काम है, जहां हर नियुक्त कर्मचारी की भूमिका तय होती है।
3. कानून क्या कहता है?
सरकार की तरफ से जारी official announcement और नियमों के अनुसार:
जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा सकती है
Right to Education Act की धारा 27 भी इसकी अनुमति देती है
यह कार्य केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य जनगणना विभाग के निर्देशों के तहत होता है
यानी यह कोई वैकल्पिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि तय नियमों के तहत अनिवार्य ड्यूटी है।
4. किन धाराओं में होगी कार्रवाई?
जो कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से बचते पाए गए, उनके खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जा रहे हैं:
जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 187
इन धाराओं के तहत कार्रवाई होने पर जुर्माना या अन्य सजा भी हो सकती है। यही वजह है कि इस मामले को प्रशासन ने उदाहरण बनाने के तौर पर लिया है।
5. जिम्मेदारी से बचना क्यों पड़ रहा भारी?
कई बार शिक्षक और कर्मचारी अतिरिक्त काम के दबाव की बात करते हैं, लेकिन जनगणना जैसे कार्य देश की योजना और विकास से सीधे जुड़े होते हैं।
इसे ऐसे समझिए—जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही सरकार योजनाएं बनाती है, बजट तय करती है और government benefits का वितरण करती है।
इसलिए इसमें लापरवाही को सिर्फ ऑफिस की गलती नहीं, बल्कि बड़े स्तर की जिम्मेदारी से जुड़ा मुद्दा माना जाता है।
6. आगे क्या होगा? (Important Guidelines)
संबंधित अधिकारियों को FIR दर्ज कराने की जिम्मेदारी दी गई है
पुलिस के साथ समन्वय कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी
भविष्य में ऐसे मामलों में और सख्ती देखने को मिल सकती है
सरकारी कर्मचारियों के लिए यह साफ संदेश है कि important guidelines और आदेशों का पालन जरूरी है, खासकर जब मामला राष्ट्रीय कार्य से जुड़ा हो।


