बिना प्रीमियम दिए मिलेगा 7 लाख तक का इंश्योरेंस, कमाल की है ये सरकारी स्कीम! फटाफट नोट कर लीजिए डिटेल
अगर आप नौकरी Job करते हैं और आपकी सैलरी Salary से पीएफ PF कटता है, तो ये खबर आपके लिए सच में खुश कर देने वाली है. ज्यादातर लोग पीएफ PF को सिर्फ रिटायरमेंट की सेविंग समझते हैं, लेकिन असल में ईपीएफओ EPFO एक ऐसी सुविधा भी देता है जिसके लिए प्राइवेट कंपनियां Private company अच्छे-खासे पैसे लेती हैं.हम बात कर रहे हैं एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (Employees Deposit Linked Insurance) की. इस स्कीम Scheme के जरिए आपको पूरे 7 लाख lakh रुपये तक का फ्री बीमा Free Bima मिलता है, वो भी बिना कोई अलग प्रीमियम Premium भरे.
जीरो प्रीमियम का असली मतलब क्या?
इस स्कीम Scheme की सबसे बढ़िया बात ये है कि कर्मचारी karmchari की जेब से एक भी पैसा Paisa नहीं जाता. जबकि दूसरे लाइफ इंश्योरेंस life insurance में आपको हर महीने mahine या सालाना प्रीमियम भरना पड़ता है. लेकिन EPFO की EDLI स्कीम Scheme में प्रीमियम भरने की जिम्मेदारी आपके एम्प्लॉयर (Employer) की होती है. मतलब कि ना आपका पैसा Paisa लगता है, ना आपकी सैलरी salary से कटता है. बल्कि ये एक अतिरिक्त सुविधा है जो सरकार government की तरफ से कर्मचारियों karmchariyon को दी जाती है.
स्कीम का क्या फायदा है?
अगर किसी ईपीएफओ EPFO मेंबर की नौकरी jobs के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार या नॉमिनी nominy को 2.5 लाख lakh रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है. खास बात ये है अगर कर्मचारी ने अपनी मृत्यु से 12 महीने mahine पहले तक एक से ज्यादा कंपनियों company में काम किया है, तब भी उसका परिवार Family इस राशि पर दावा कर सकता है. यानी कंपनी company बदलने से आपका बीमा कवर Bima cover खत्म नहीं होता.
बीमा अमाउंट कैसे तय होता है?
कर्मचारी karmchari को मिलने वाली बीमा अमाउंट amount उसकी पिछले 12 महीनों mahine की बेसिक सैलरी प्लस डीए पर डिपेंड depand करती है. इसके लिए एक फॉर्मूला इस्तेमाल होता है-
बीमा अमाउंट = सैलरी का 35 गुना + लगभग 1.75 लाख रुपये बोनस
PF बैलेंस balance का 50% लिया जाता है, जिसमें इसकी लिमिट 1.75 लाख रुपये है.
सैलरी लिमिट Salary limit 15 हजार रुपये तक है.
लेकिन टोटल अमाउंट amount 7 लाख lakh रुपये से ज्यादा नहीं हो सकता.
किसे मिलेगा फायदा और कैसे करें क्लेम?
हर वो कर्मचारी जिसका पीएफ PF अकाउंट एक्टिव है, वो इस योजना Yojna में शामिल है. इसके लिए अलग से कुछ नहीं करना पड़ता. हालांकि अपने पीएफ PF खाते Account में ई-नॉमिनेशन E- nomination जरूर अपडेट रखें. अगर नॉमिनी nominy की डिटेल सही तरीके से बताई है, तो क्लेम claim जल्दी और आसानी से मिल जाता है.
क्लेम कैसे करें?
कर्मचारी karmchari की मृत्यु के बाद नॉमिनी nominy को बीमा पाने के लिए Form 5 IF भरना होता है. ये फॉर्म from कंपनी company के जरिए या सीधे ईपीएफओ EPFO ऑफिस office में जमा किया जा सकता है