बिग ब्रेकिंग न्यूज: शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को लेकर अपर मुख्य सचिव का आया बड़ा आदेश, जानिए क्या कहा गया है इसमें


बिग ब्रेकिंग न्यूज़: शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मिली कैशलेस इलाज की बड़ी सौगात
लखनऊ, 05 फरवरी 2026।
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा से जुड़े लाखों शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अन्य कार्मिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण आदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत कार्मिकों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला लिया गया है।
📌 किन-किन को मिलेगा लाभ
इस आदेश के अनुसार प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित और स्ववित्त पोषित विद्यालयों में कार्यरत—
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शिक्षक
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शिक्षामित्र
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विशेष शिक्षक (CWSN)
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अनुदेशक
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डन
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पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक/शिक्षिकाएं
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प्रधानमंत्री पोषण योजना की रसोइया
और इन सभी के आश्रित परिवार के सदस्य इस सुविधा के दायरे में आएंगे।
🏥 सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी इलाज
नई व्यवस्था के तहत लाभार्थी न केवल सरकारी अस्पतालों में, बल्कि योजना से जुड़े निजी अस्पतालों में भी ओपीडी और आईपीडी दोनों प्रकार के इलाज का लाभ कैशलेस रूप में ले सकेंगे। इससे गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।
💰 प्रीमियम की व्यवस्था
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रति पात्र कार्मिक के लिए ₹3000 वार्षिक प्रीमियम अनुमन्य होगा। यह प्रीमियम केवल पात्र और कार्यरत शिक्षकों व कार्मिकों के लिए ही दिया जाएगा।
⚙️ योजना का क्रियान्वयन कैसे होगा
कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का क्रियान्वयन State Agency for Comprehensive Health and Integrated Services (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा। योजना के तहत होने वाला वास्तविक व्यय बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।
🔍 शिक्षा विभाग में खुशी की लहर
इस आदेश के बाद शिक्षामित्रों और अनुदेशकों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहे कार्मिकों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।