बड़ी खबर: बहुत ही महत्वपूर्ण आदेश बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षकों को मिलने वाले अवकाश, देखें इस आर्डर को ?
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षकों के अवकाश को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण आदेश जारी हुआ है। यह आदेश न्यायालय के निर्देशों, नियमों और विभागीय तथ्यों के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें अर्जित अवकाश (Earned Leave – EL) को लेकर लंबे समय से चल रही मांग पर अंतिम निर्णय सामने आया है।
📌 क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, याची श्री उपेंद्र मिश्र ने दिनांक 29 अप्रैल 2023 को आवेदन देकर मांग की थी कि बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षकों और शिक्षामित्रों को भी केंद्रीय विद्यालय संगठन की तरह अर्जित अवकाश (EL) दिया जाए।
यह मामला न्यायालय में गया, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ ने रिट याचिका संख्या 511/2024 में 23 जनवरी 2024 को आदेश पारित किया।
⚖️ न्यायालय का निर्देश
न्यायालय ने कहा:
- याची के प्रार्थना पत्र पर 3 महीने के भीतर निर्णय लिया जाए
- निर्णय लेते समय नियम, सरकारी आदेश और तथ्यों का ध्यान रखा जाए
- कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया
साथ ही, आदेश का पालन न होने पर अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
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📚 शिक्षकों को वर्तमान में मिलने वाले अवकाश
दस्तावेज के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों को पहले से ही कई प्रकार के अवकाश मिलते हैं:
- राजपत्रित अवकाश
- 14 आकस्मिक अवकाश
- ग्रीष्मकालीन अवकाश (20 मई – 15 जून)
- शीतकालीन अवकाश (31 दिसंबर – 14 जनवरी)
- महिला शिक्षकों के लिए विशेष चिकित्सीय अवकाश
- अध्ययन अवकाश (अधिकतम 5 वर्ष)
- मातृत्व अवकाश (730 दिन तक)
⚖️ अन्य कर्मचारियों से तुलना
- अन्य राज्य कर्मचारियों को 31 दिन अर्जित अवकाश (EL) मिलता है
- हर 16 दिन की सेवा पर 1 दिन EL जुड़ता है
- लेकिन परिषद शिक्षकों को EL नहीं दिया जाता
👉 इसी वजह से लंबे समय से शिक्षक EL की मांग कर रहे थे।
⚠️ विभाग का पक्ष
विभाग ने स्पष्ट किया:
- शिक्षकों को पहले से लंबे ग्रीष्म और शीतकालीन अवकाश मिलते हैं
- अन्य कर्मचारियों को इतनी लंबी छुट्टियां नहीं मिलतीं
- इसलिए उन्हें EL दिया जाता है
👉 इसी आधार पर विभाग ने कहा कि शिक्षकों को EL देना उचित नहीं है
📌 अंतिम फैसला
- शिक्षकों को अर्जित अवकाश (EL) देने की मांग खारिज
- वर्तमान अवकाश व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा
- शिक्षकों को पहले से ही पर्याप्त अवकाश माना गया
यह आदेश शिक्षा निदेशक (बेसिक), लखनऊ द्वारा जारी किया गया है।

🔍 निष्कर्ष
लंबे समय से चली आ रही यह मांग फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है।
इस फैसले से प्रदेश के लाखों बेसिक शिक्षकों को झटका लग सकता है।



