8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! क्या ₹18,000 से बढ़कर ₹46,000 हो सकती है न्यूनतम सैलरी?
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है। सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी और आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। माना जा रहा है कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों को लागू होने की वास्तविक तारीख तक का एरियर भी मिल सकता है।
8th Pay Commission
वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और कर्मचारी संगठनों से वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़े सुझाव भी मांगे हैं। इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है और 30 अप्रैल 2026 तक कोई भी कर्मचारी अपनी राय दे सकता है।
भारत में वेतन आयोग की परंपरा काफी पुरानी है। पहला वेतन आयोग 1946 में गठित हुआ था और उसके बाद अब तक कुल 7 वेतन आयोग लागू हो चुके हैं। हर वेतन आयोग ने देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई और कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वेतन संरचना में बदलाव किया है। आजादी के बाद से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में काफी बड़ा बदलाव देखा गया है।
1 से 7वें वेतन आयोग तक सैलरी में बदलाव
| वेतन आयोग | अवधि | न्यूनतम बेसिक सैलरी | अधिकतम बेसिक सैलरी |
|---|---|---|---|
| पहला वेतन आयोग | 1946–47 | ₹55 | ₹2,000 |
| दूसरा वेतन आयोग | 1957–59 | ₹80 | ₹3,000 |
| तीसरा वेतन आयोग | 1972–73 | ₹196 | ₹3,500 |
| चौथा वेतन आयोग | 1986 | ₹750 | ₹8,000 |
| पांचवां वेतन आयोग | 1996 | ₹2,550 | ₹26,000 |
| छठा वेतन आयोग | 2006 | ₹7,000 | ₹80,000 |
| सातवां वेतन आयोग | 2016 | ₹18,000 | ₹2,50,000 |
8वें वेतन आयोग से क्या उम्मीदें?
7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है। ऐसे में अब कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि नए आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.0 या उससे अधिक रखा जाता है तो निचले स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।
कुछ अनुमानों के अनुसार यदि फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू किया जाता है तो वर्तमान में ₹18,000 की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग ₹46,260 तक पहुंच सकती है। इससे कर्मचारियों के वेतन में लगभग 30% से 34% तक बढ़ोतरी संभव है।