उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग से एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी इस पत्र में प्रदेश के सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला विद्यालय निरीक्षकों तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री द्वारा निकट भविष्य में प्रदेश के विभिन्न जनपदों का भ्रमण, स्थानीय निरीक्षण एवं विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज, उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की संख्या, शिक्षकों की मानक अनुसार तैनाती एवं उनकी उपस्थिति, विद्यालय भवन और प्रयोगशालाओं की स्थिति, विद्यार्थियों के सीखने का स्तर और परीक्षा परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही खेल, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां, क्विज प्रतियोगिताएं, सेमिनार आदि आयोजनों की स्थिति भी देखी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, विद्यालयों में शौचालय, पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा उपायों सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया जाएगा। शिक्षकों एवं कर्मचारियों की कार्यकुशलता, व्यवहार और योगदान से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी समय रहते तैयारियां सुनिश्चित करें, ताकि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय कार्यों और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए।
यह आदेश 21 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है, जिसकी प्रति महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।




