योगी सरकार के ऐलान के बाद अब अप्रैल महीने से शिक्षामित्रों को 18 एवं अनुदेशकों को 17 हजार मानदेय मिलेगा, महाबहस का वीडियो देखें
प्राइमरी का मास्टर न्यूज़ | विशेष रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में अनुदेशकों और शिक्षामित्रों के लिए 1 अप्रैल 2026 का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ है। लंबे समय से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार लागू हो गया। सरकार द्वारा किए गए वादे के अनुसार अब बढ़ा हुआ मानदेय लागू हो गया है, जिससे हजारों कर्मियों में खुशी का माहौल है।
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📌 क्या है पूरा मामला?
20 फरवरी 2026 को सरकार द्वारा मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गई थी, जिसके बाद सभी अनुदेशक और शिक्षामित्र 1 अप्रैल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब यह फैसला लागू हो चुका है और कर्मचारियों को राहत मिलनी शुरू हो गई है।
💰 कितना बढ़ा मानदेय?
- पहले प्रतिदिन लगभग ₹300 के हिसाब से भुगतान होता था
- अब बढ़कर लगभग ₹566 प्रतिदिन हो गया है
- यानी अब मासिक मानदेय करीब ₹17,000 तक पहुंच गया है
इस बढ़ोतरी को कर्मियों के लिए “सम्मान और स्वाभिमान की जीत” बताया जा रहा है।
📊 आगे क्या होगा?
- अप्रैल महीने का पूरा भुगतान मई में मिलने की उम्मीद
- शासनादेश जल्द जारी होने की संभावना
- एरियर (बकाया भुगतान) पर भी जल्द कार्यवाही हो सकती है
- स्थानांतरण, 12 महीने का वेतन और 62 वर्ष सेवा जैसे मुद्दे अभी बाकी
⚠️ अन्य मुद्दों पर भी उठी आवाज
रिपोर्ट के दौरान कुछ महत्वपूर्ण समस्याएं भी सामने आईं—
- जनगणना ड्यूटी में भुगतान को लेकर असमानता की शिकायत
- समर कैंप और अन्य कार्यों का भुगतान लंबित
- अधिकारियों के स्तर पर लापरवाही के आरोप
हालांकि, संगठन के पदाधिकारियों ने इन मुद्दों को उठाने और समाधान के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही है।
🗣️ क्या बोले प्रतिनिधि?
प्रतिनिधियों के अनुसार,
👉 यह दिन खुशी और उत्साह का है
👉 वर्षों के संघर्ष के बाद यह उपलब्धि मिली है
👉 आगे के अधिकारों के लिए भी लड़ाई जारी रहेगी
📢 निष्कर्ष
1 अप्रैल 2026 से लागू यह निर्णय उत्तर प्रदेश के हजारों अनुदेशकों और शिक्षामित्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। हालांकि, अभी भी कई महत्वपूर्ण मांगें बाकी हैं, जिन पर आने वाले समय में सरकार और संगठनों के बीच चर्चा जारी रहने की उम्मीद है।




