4 अप्रैल को दिल्ली में शिक्षकों की महारैली, यूपी से हजारों शिक्षक होंगे शामिल – बड़ा ऐलान
लखनऊ: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक 22 मार्च 2026 को शिक्षक भवन, रिसालदार पार्क लखनऊ में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के सभी जनपदों के अध्यक्ष और मंत्री शामिल हुए। बैठक में आगामी आंदोलनों, सुप्रीम कोर्ट में चल रहे TET मामले, पुरानी पेंशन और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में सबसे प्रमुख निर्णय 4 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली शिक्षकों की महारैली को लेकर लिया गया। यह महारैली टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के नेतृत्व में आयोजित की जाएगी। संगठन ने निर्देश दिया कि प्रदेश के प्रत्येक मंडल, जनपद और ब्लॉक स्तर से बसों के माध्यम से शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
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प्रदेशीय नेतृत्व ने स्पष्ट कहा कि रैली के लिए अनुमति प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन यदि प्रशासन से अनुमति नहीं भी मिलती है तो भी रैली का आयोजन किया जाएगा और आंदोलन जारी रहेगा। यदि रास्ते में पुलिस द्वारा बसों को रोका जाता है तो शिक्षक वहीं पर धरना और प्रदर्शन शुरू करेंगे और आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।
बैठक में संगठन ने यह भी कहा कि यह आंदोलन शिक्षकों के मान-सम्मान और आजीविका की रक्षा के लिए “आर-पार की लड़ाई” है। संगठन ने स्पष्ट संदेश दिया कि जो शिक्षक इस संघर्ष में मजबूती से साथ खड़े रह सकते हैं वही संगठन के साथ बने रहें इसके अलावा बैठक में TET मामले से जुड़े सुप्रीम कोर्ट में दाखिल रिव्यू पिटीशन पर भी चर्चा हुई। जानकारी दी गई कि अब तक कुल 38 रिव्यू पिटीशन दाखिल की जा चुकी हैं। संगठन जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दाखिल करेगा, जिसमें रिव्यू पिटीशन दाखिल करने की अंतिम तिथि तय करने की मांग की जाएगी, ताकि मुख्य मामले की सुनवाई आगे बढ़ सके।
बैठक में 2005 में नियुक्त परिषदीय शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन (OPS) लागू कराने की मांग भी दोहराई गई। संगठन ने कहा कि सरकार ने हाल ही में माध्यमिक विद्यालयों के विषय विशेषज्ञों के लिए पुरानी पेंशन लागू की है, लेकिन परिषदीय शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया है।
संगठन ने सभी जनपदों को निर्देश दिया कि सदस्यता शुल्क की धनराशि 29 मार्च 2026 तक प्रदेश कोष में जमा कराई जाए। यदि निर्धारित समय तक सदस्यता शुल्क जमा नहीं होता है तो 4 अप्रैल की महारैली के बाद संबंधित जनपदीय नेतृत्व के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही शिक्षकों के समर्थन में डिजिटल आंदोलन चलाने का भी निर्णय लिया गया है। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में X (पूर्व ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर हैशटैग अभियान चलाकर देशभर के शिक्षकों को जोड़ा जाएगा।



