बिग ब्रेकिंग न्यूज: दो महीने में शिक्षामित्रों के नियमितीकरण मामले में निर्णय ले सरकार, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आर्डर
*प्रयागराज : शिक्षा मित्रों के नियमितीकरण का मामला*
*➡इलाहाबाद HC ने फैसला लेने का आदेश दिया*
*➡अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को दिया आदेश*
*➡दो महीने में फैसला लेने का आदेश दिया गया*
*➡जस्टिस मंजू रानी चौहान की सिंगल बेंच का आदेश*
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प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शिक्षामित्रों से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायालय ने कहा है कि याचिकाकर्ता एक सप्ताह के भीतर संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के समक्ष विस्तृत आवेदन प्रस्तुत करें। इसके बाद समिति द्वारा मामले की जांच कर एक माह के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने डब्ल्यूआरआईटी-ए संख्या 1183, 2026 (ज्ञानेंद्र सिंह कुशवाह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य) मामले की सुनवाई के दौरान दिया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता योगेश कुमार श्रीवास्तव तथा राज्य की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता सी.एस.सी. नवनीत सिंह ने पक्ष रखा। न्यायालय ने कहा कि वर्तमान याचिका में उठाया गया मुद्दा पहले भी 17 फरवरी 2026 को पारित आदेश (रिट-ए संख्या 179/2026, अरुण प्रताप सिंह व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य) के माध्यम से निपटाया जा चुका है।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता एक सप्ताह के भीतर जिला स्तरीय समिति के समक्ष अपनी आपत्तियां और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करें। समिति इन आपत्तियों की जांच उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा नियमावली, बाल शिक्षा का निःशुल्क एवं अनिवार्य अधिकार अधिनियम, 2009 तथा संबंधित सरकारी आदेशों के प्रावधानों के आधार पर करेगी। जांच पूरी होने के बाद समिति एक माह के भीतर तर्कसंगत और स्पष्ट आदेश पारित करेगी।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जब तक सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक एक माह की अवधि के लिए वर्तमान स्थिति (यथास्थिति) बनी रहेगी।
यह आदेश 9 मार्च 2026 को पारित किया गया।