TET को लेकर शिक्षकों ने लिखी राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री व सीजेआई को पाती
लखनऊ: प्राथमिक शिक्षकों Teacher’s के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) TET पास करने की अनिवार्य के खिलाफ सोमवार Monday को प्रदेश भर के शिक्षकों Teacher ने शिक्षक पाती लिखने का अभियान शुरू किया।इसके तहत शिक्षकों Teacher द्वारा राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व नेता विपक्ष को ई-मेल व पोस्टकार्ड Postcard लिखकर जबरन थोपे जा रहे टीईटी TET को समाप्त करने की गुहार लगाई जा रही है।अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर सोमवार Monday को प्रदेश के करीब 1,07000 शिक्षकों Teacher’s ने पत्र भेजकर टेट TET से राहत देने की अपील की। महासंघ के प्रदेश संयोजक अनिल यादव ने बताया कि यह कार्यक्रम 15 मार्च March तक अनवरत चलेगा।
आरटीई RTI लागू होने के पूर्व जो भी शिक्षक नियुक्त हैं, उनके लिए टीईटी TET पास करना अनिवार्य करना पूर्णतया गलत व अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री से पूर्व में शिक्षकों Teacher’s का प्रतिनिधिमंडल मिला था और उन्होंने इस बारे में सकारात्मक आश्वासन भी दिया था लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल केंद्र द्वारा नहीं किया गया है। इससे प्रदेश Pradesh के एक लाख 86हजार शिक्षक उदास एवं हताश है। उन्होंने बताया कि एनसीटीई के गलत फैसले पूरे देश से 10 लाख शिक्षक teacher प्रभावित हो रहे हैं। इसमें सबसे अधिक यूपी Uttar Pradesh के 1.86 लाख शिक्षक teacher भी शामिल हैं।
सालों सेवाएं देने के बाद अचानक एक फैसले से उनकी पढ़ाने की काबलियत पर सवाल उठ गए हैं जबकि समय-समय पर विभिन्न राज्यों के प्रदेश शिक्षा विभाग vibhag शिक्षकों Teacher को गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए ट्रेनिंग देता रहा है।यह भी बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री से शीतकालीन सत्र में अध्यादेश लाकर आदेश में संशोधन की मांग रखी गई थी, लेकिन अभी तक कोई निर्णय केंद्र से नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से पहले भर्ती होने वाले शिक्षकों Teacher’s के लिए टीईटी TET की कोई अनिवार्य शर्त नहीं थी। यदि होती तो वे उस समय अनिवार्य पात्रता परीक्षा Exam को पास करते। अब शिक्षक teacher बच्चों को पढ़ाएं या अपनी तैयारी कर नौकरी job बचाए! उनके सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है।