बड़ी खबर: 7 शिक्षकों की सेवा समाप्ति तय, BSA ने भेजा नोटिस, पढ़िए पूरी खबर
शामली। फर्जी दस्तावेजों Documents के सहारे सरकारी नौकरी job करने वाले शिक्षा विभाग vibhag के कर्मचारियों karmchariyon पर लगातार कार्रवाई जारी है। विभागीय जांच में सात ऐसे शिक्षकों teacher के नाम सामने आए हैं, जो कई सालों से फर्जी दस्तावेजों documents पर नौकरी कर रहे हैं।जांच पूरी होने के बाद अब उनकी सेवा समाप्ति तय है। हालांकि इससे पहले उक्त शिक्षकों Teacher को पहला कारण बताओ नोटिस notice जारी किया गया है। वहीं, इससे पहले भी एक शिक्षक teacher समेत दो की सेवा समाप्त की जा चुकी है।
साल 2018 में शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय विशेष जांच समिति को पूरे उत्तर प्रदेश Uttar Pradesh में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी job करने वाले कर्मचारियों karmchariyon और शिक्षकों teacher को बेनकाब करने का जिम्मा सौंपा गया था। शामली जनपद में भी कांधला और थानाभवन ब्लाक के विभिन्न प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों vidyalaya में तैनात कुछ शिक्षकों के दस्तावेज documents संदिग्ध पाए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए BSA ने डिग्री और शैक्षणिक दस्तावेजों documents का संबंधित विश्वविद्यालयों से दोबारा सत्यापन कराया गया। विश्वविद्यालयों से आई रिपोर्ट ने विभाग vibhag के दावों पर मुहर लगा दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि इन शिक्षकों teacher के नाम या रोल नंबर पर कोई डिग्री कभी जारी नहीं की गई थी।
उनके रिकॉर्ड में इनका कोई विवरण न मिलने के बाद यह साफ हो गया कि इन शिक्षकों teacher ने विभाग को गुमराह कर अवैध रूप से नियुक्तियां प्राप्त की थीं। नियमों के मुताबिक, किसी भी सरकारी कर्मचारी को बर्खास्त करने से पहले उसे सफाई देने का अवसर दिया जाता है।
इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए विभाग ने प्रथम नोटिस जारी किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लता राठौर ने बताया कि कुल तीन नोटिस जारी किए जाएंगे, और यदि शिक्षक कोई पुख्ता और वैध प्रमाण पेश नहीं कर पाते हैं, तो उनकी सेवा स्थायी रूप से समाप्त कर दी जाएगी। इससे पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने वाले सहायक अध्यापक विजय कुमार और लिपिक सेठपाल की सेवा समाप्त की जा चुकी है।
पहला नोटिस मिलते ही शिक्षकों में हलचल
बीएसए लता राठौर की ओर से इस प्रकरण में बेहद गोपनीय रूप से जांच कराई जा रही है। संबंधित शिक्षकों को बीएसए कार्यालय से नोटिस भेज दिया गया है, जिसका 14 दिनों में जवाब देना होगा। इस सूचना को लीक करने के कारण थानाभवन ब्लाक क्षेत्र के लिपिक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस मिलते ही उक्त शिक्षक अब जवाब तैयार करने में लगे हुए है।
20 वर्ष से फर्जी कागजों पर पा रहे वेतन
उक्त सात शिक्षकों में चार शिक्षक ऐसे बताए गए हैं, जो 20 वर्षों से विभाग में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। आरोपितों ने पूर्व उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय के नाम से फर्जी डिग्री बनवाई थी।
शासन स्तर से साल 2018 से एसआईटी की जांच चल रही थी। जांच के दौरान सामने आया कि उक्त सात शिक्षकों के दस्तावेजों का संबंधित विश्वविद्यालय से सत्यापन कराया गया। वहां कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। सेवा समाप्ति से पहले तीन नोटिस देने होते हैं। सभी सातों शिक्षकों को पहला नोटिस जारी कर दिया गया है।
लता राठौर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।




