लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी 2 फरवरी से लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करेंगे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार की ओर से कोई ठोस पहल न होने के कारण मामला लगातार लंबित होता जा रहा है।
अभ्यर्थियों के अनुसार, यह मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में इस प्रकरण पर सुनवाई की थी और अगली सुनवाई की तारीख 4 फरवरी तय की गई है। इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने 2 फरवरी से लखनऊ पहुंचकर आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
आंदोलनकारियों ने बताया कि सभी जिलों के समन्वयकों को ब्लॉक स्तर पर संपर्क कर आने वाले अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस क्रम में 31 जनवरी को विधानसभा घेराव का भी आह्वान किया गया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इस भर्ती मामले में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, सीएम द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट और राज्य सरकार के दस्तावेजों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका आरोप है कि आरक्षित वर्ग के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है।




