शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि पर विचार कर रही है सरकार, फ़रवरी बजट में हो सकता है ऐलान, इतना बढ़ सकता है मानदेय, देखें दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट

 शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि पर विचार कर रही है सरकार, फ़रवरी बजट में हो सकता है ऐलान, इतना बढ़ सकता है मानदेय, देखें दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट

योगी सरकार 2.0 का 5वां बजट फरवरी में पेश होगा। विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए सरकार ने बजट में एक करोड़ से अधिक महिलाओं को सौगात देने की तैयारी की है। सरकार वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, विधवा पेंशन, आशा कार्यकर्ता और शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी करने जा रही है।
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पहले 2 दिन के घटनाक्रम पर नजर डालिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यूपी दिवस कार्यक्रम के मंच से विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि (मथुरा) में कार्यकर्ताओं को 2027 के लिए कमर कसने का आह्वान किया।
दो दिन के घटनाक्रम से साफ है कि बड़ा मकसद 2027 चुनाव के लिए वोटबैंक साधना है। सीएम योगी के सामने 2027 में लगातार तीसरी बार कमल खिलाना सबसे बड़ी चुनौती है। 2017, 2019 और 2022 में भाजपा की जीत में महिला वोटबैंक का बड़ा योगदान रहा है। उधर, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भी हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में महिला वोटबैंक को सौगात देकर सरकार बनाई है। ऐसे में अब नजर यूपी में महिला वोटर और योजनाओं के लाभार्थियों पर है।
सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी, वित्तमंत्री सुरेश खन्ना, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के बीच वृद्धावस्था, निराश्रित महिला, दिव्यांग पेंशन बढ़ाने पर मंथन हुआ है। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि और शिक्षामित्रों का मानदेय भी बढ़ाने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। उसके बाद वित्त विभाग में पेंशन राशि बढ़ाने को लेकर बजट की तैयारी भी शुरू हुई है।
1.47 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ेगा सरकार करीब 9 साल बाद शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर भी मंथन कर रही है। 1.47 लाख शिक्षामित्रों और 28 हजार से अधिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। अब बजट के लिहाज से राशि पर विचार चल रहा है। मानदेय में 2000 रुपए महीने की बढ़ोतरी की जाए या इससे अधिक राशि बढ़ाई जाए।
भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में शिक्षामित्रों की समस्या का विधिक समाधान करने का वादा किया था। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द हो गया था।
उस दौरान सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए महीने किया था। लेकिन, उसके बाद मानदेय में एक भी रुपए की वृद्धि नहीं की गई है। जबकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग उठाते हैं। पिछले दिनों बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने भी शिक्षक संघ के एक कार्यक्रम में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के संकेत दिए थे।
67.50 लाख बुजुर्गों की पेंशन बढ़ेगी प्रदेश सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन में 60 साल या इससे अधिक आयु के ऐसे बुजुर्गों को हर महीने 1000 रुपए पेंशन दी जाती है, जिनकी ग्रामीण इलाकों में पारिवारिक वार्षिक आय 46,080 और शहरी इलाकों में 56,460 रुपए से अधिक नहीं हो।
67 लाख 50 हजार बुजुर्गों को त्रैमासिक आधार पर एक हजार रुपए प्रति महीने की दर से 3000 रुपए पेंशन दी जाती है। वित्त विभाग में पेंशन राशि को 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपए महीने करने पर मंथन चल रहा है। अगर ऐसा होता है तो योगी सरकार में तीसरी बार पेंशन बढ़ाई जाएगी। योगी सरकार ने 2019 में पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपए की थी। उसके बाद 2022 में पेंशन 500 से बढ़ाकर 1000 रुपए महीने की गई थी।

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