गणना प्रपत्र का ब्योरा 2003 की सूची से अलग, मतदाताओं को मिल सकता है नोटिस
लखनऊ। एसआईआर (Special Intensive Revision) के तहत मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक बार फिर व्यापक स्तर पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। खबर के अनुसार करीब 4.80 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इन मतदाताओं से निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 12 वैध दस्तावेजों में से किसी एक के माध्यम से जवाब देने को कहा जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, 2003 की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद बड़ी संख्या में रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियां सामने आई हैं। निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर से 80 हजार से अधिक मतदाताओं का विवरण रिजेक्ट हो चुका है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
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जिला निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में फॉर्म भरने में त्रुटियां पाई गई हैं। कई बार नाम, पिता/पति के नाम या अन्य पारिवारिक विवरण में बाद में किए गए संशोधन अब समस्या का कारण बन रहे हैं। बताया गया है कि अब तक हजार से अधिक आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। जिन मामलों में विवरण गलत या अपूर्ण पाया गया है, उन्हें नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि समय रहते सुधार कराया जा सके।
इस संबंध में वित्त एवं जिला प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांच लें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
⚖️ मतदाता सूची की शुद्धता और नागरिकों की सतर्कता—दोनों लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।