सवाल उठने के बाद शिक्षकों के समायोजन को हुई काउंसलिंग निरस्त
देवरिया: लगातार सवाल उठने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag द्वारा सरप्लस(अतिरिक्त) शिक्षकों teacher के समायोजन को लेकर शुक्रवार को हुए काउंसलिंग को निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई शिक्षकों Teacher के आपत्ति के बाद की गई है।अब विभाग vibhag द्वारा पुन: प्रभावित शिक्षकों teacher का काउंसलिंग 30 दिसंबर को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान(डायट) पर कराया जाएगा। शासन के निर्देश के अनुसार सरप्लस शिक्षकों teacher को उन परिषदीय विद्यालयों Parishadiya vidyalaya में स्थानांतरित किया जाना है, जहां शिक्षकों teacher की कमीं है। विद्यालयों vidyalaya में अध्यनरत 30 बच्चों पर एक शिक्षक Teacher को तैनात किए जाने हैं। ऐसे में विभिन्न विकास खण्डों के सरप्लस surplus शिक्षकों Teacher को शुक्रवार को समायोजन samayojan के लिए विभिन्न विकास खण्डों में रिक्त विद्यालयों vidyalaya का विकल्प देने के लिए बुलाया गया था।
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जहां शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag द्वारा जारी किए गए शिक्षकों teacher की सूची में खामियों को देखकर शिक्षक बिफर पड़े थे। सूची में कई त्रुटियां थीं। जिसको लेकर शिक्षकों Teacher ने आपत्ति दर्ज कराई थी। आपत्ति के कारण शुक्रवार को हुए काउंसलिंग को शून्य कर दिया गया है। अब पुन: रामपुर कारखाना स्थित डायट पर शिक्षकों Teacher की काउंसलिंग की जाएगी। ये है मानक शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार प्राथमिक स्तर पर 30 बच्चों पर एक शिक्षक अनिवार्य है। यदि छात्रों की संख्या 60 से अधिक होती है तो शिक्षकों teacher की संख्या बढ़ाई जाती है। वहीं छात्रों की संख्या 60 से 90 होने पर शिक्षक की संख्या तीन होनी चाहिए। जबकि 200 से अधिक छात्रों पर 40 छात्र पर एक शिक्षक Teacher का होना अनिवार्य है। जबकि प्राथमिक स्तर पर 150 से अधिक विद्यालय vidyalaya में छात्र संख्या होने पर एक प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही उच्च प्राथमिक स्तर के कक्षाओं हेतु न्यूनतम 100 छात्रों पर तीन शिक्षक जिसमें एक भाषा, एक गणित या विज्ञान व एक सामाजिक विषय का होना अनिवार्य है। जबकि 100 छात्रों से अधिक होने पर एक प्रधानाध्यापक headmaster का पद स्वीकृत है।




