UP के इस जिले में बीएसए ने 30 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का वेतन रोका, वजह जानकर आप भी कहेंगे- ‘सही किया’

UP के इस जिले में बीएसए ने 30 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का वेतन रोका, वजह जानकर आप भी कहेंगे- ‘सही किया’

देवरिया। आधार से अभिभावकों के बैंक खाते Account जुड़े (सीडेड) न होने के मामले में बीएसए BSA ने सख्त रुख अपनाया है। जिले District के 30 परिषदीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों vidyalaya के प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों teacher एवं अन्य कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।परिषदीय विद्यालयों vidyalaya व सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को स्वेटर, स्कूल बैग, जूता-मोजा आदि उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी DBT के माध्यम से अभिभावकों के बैंक खातों Account में भेजी जाती है। जिले के 30 विद्यालयों vidyalaya में पंजीकृत कुल 7900 छात्रों में से 866 छात्रों के अभिभावकों के बैंक खाते आधार से सीडेड नहीं हो सके हैं, जिसके चलते डीबीटी DBT के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित नहीं हो पाई।

बीएसए BSA को इस संबंध में विभिन्न माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुई थीं। उच्चाधिकारियों की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों के बावजूद संबंधित विद्यालयों vidyalaya के जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे थे। इसे गंभीरता से लेते हुए बीएसए BSA शालिनी श्रीवास्तव ने इसे न केवल विभागीय आदेशों की अवहेलना, बल्कि जिले District की रैंकिंग व ग्रेडिंग को प्रभावित करने वाला कृत्य बताया है।

बीएसए BSA ने बताया कि इन विद्यालयों vidyalaya में 20 से अधिक और 39 से कम छात्रों के अभिभावकों के बैंक खाते account आधार से लिंक नहीं हैं। ऐसे में संबंधित विद्यालयों vidyalaya के सभी कर्मचारियों karmchariyon का वेतन अग्रिम आदेश तक बाधित कर दिया गया है। वहीं, 20 से कम लंबित मामलों वाले विद्यालयों vidyalaya को कड़ी चेतावनी दी गई है।

 

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