शिक्षक ना CTET फॉर्म भर पा रहे, ना शुरू हो पा रहा ब्रिज कोर्स, B.Ed डिग्रीधारी टीचरों के सामने आवेदन को लेकर आ रही परेशानी

शिक्षक ना CTET फॉर्म भर पा रहे, ना शुरू हो पा रहा ब्रिज कोर्स, B.Ed डिग्रीधारी टीचरों के सामने आवेदन को लेकर आ रही परेशानी

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों vidyalaya में पहली से 8वीं तक पढ़ाने वाले बीएड डिग्रीधारी शिक्षक Teacher इन दिनों परेशानी में हैं। सुप्रीम कोर्ट SC पहले ही साफ कर चुका है कि सेवा में बने रहने के लिए टीईटी TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।जिन शिक्षकों Teacher के पास टीईटी नहीं है, उन्हें 2 साल के भीतर टीईटी TET उत्तीर्ण करना होगा। इसके अलावा प्राइमरी से जूनियर में पदोन्नति चाहने वाले शिक्षकों Teacher के लिए उच्च प्राथमिक टीईटी TET आवश्यक है। इसके बावजूद पिछले 2 वर्षों से यूपी टीईटी TET की आवेदन प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाई है।

उधर, सीटीईटी CTET (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) के फार्म from निकल चुके हैं। 18 दिसंबर December तक आवेदन करने की अंतिम तिथि निर्धारित है, लेकिन बीएड पास शिक्षक Teacher आवेदन भी नहीं भर पा रहे हैं। सीटीईटी CTET आवेदन फार्म में प्राइमरी स्तर (कक्षा 1-5) के लिए बीएड डिग्रीधारियों का विकल्प ही नहीं है, क्योंकि एनसीटीई के नियमों के अनुसार प्राइमरी शिक्षक के लिए केवल डीएलएड (बीटीसी) ही मान्य योग्यता है।

नहीं हो पा रहे आवेदन

इस कारण प्रदेश Pradesh के करीब पौने 2 लाख बीएड शिक्षक, जो पहले से प्राथमिक विद्यालयों vidyalaya में कार्यरत हैं और टीईटी TET अनिवार्यता के दायरे में आते हैं, आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ teacher sangh के प्रदेश उपाध्यक्ष निर्भय सिंह का कहना है कि जब सुप्रीम कोर्ट SC ने टीईटी TET अनिवार्य कर रखा है तो पहले से प्राथमिक विद्यालयों vidyalaya में बीएड के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को आवेदन का विकल्प मिलना चाहिए।

यूपी टीईटी TET वर्ष में 2 बार होनी चाहिए, लेकिन दो साल से परीक्षा ही नहीं कराई गई है। इससे शिक्षक Teacher अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। इसके साथ ही बीएड करने वाले वे शिक्षक जिन्होंने विशिष्ट बीटीसी का छह माह का ब्रिज कोर्स bridge course अभी तक नहीं किया है, वे भी संकट में हैं। एनआइओएस (राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान) से यह कोर्स कराने का शेड्यूल एक दिसंबर 2025 से 30 मई 2026 तक तय किया गया था, लेकिन कोर्स Course का प्रस्ताव जारी ही नहीं हुआ। इसकी वजह से शिक्षक ब्रिज कोर्स bridge course के लिए आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं।

शिक्षकों Teacher का कहना है कि टीईटी TET अनिवार्यता, सीटीईटी में विकल्प न मिलना और ब्रिज कोर्स का अटक जाना, तीनों मिलकर उनके भविष्य और पदोन्नति पर बड़ा संकट खड़ा कर रहे हैं। शिक्षक संगठनों ने सरकार Government और विभागों से तुरंत समाधान निकालने की मांग की है, ताकि हजारों शिक्षकों की सेवा सुरक्षित रह सके।

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