Life Insurance Bonus: जीवन बीमा बोनस क्या होता है, कैसे बनता है और आपके लिए कितना फायदेमंद? पढ़िए डिटेल्स
अगर आपने कभी सोचा है कि बोनस Bonus सिर्फ नौकरी job’s में मिलने वाला अतिरिक्त पैसा Paisa होता है, तो जरा रुकिए। जीवन बीमा में भी ऐसा ही एक कॉन्सेप्ट होता है, जिसे लाइफ इंश्योरेंस बोनस life insurance bonus कहते हैं।यह वह अतिरिक्त रकम है जो बीमा कंपनी company आपको आपके बेसिक सम एश्योर्ड के ऊपर देती है और इसे आप या तो पॉलिसी policy मैच्योर होने पर या फिर क्लेम claim होने पर मिलते हैं।
नीचे हम आपको आसान भाषा में समझा रहे हैं कि यह बोनस bonus कैसे मिलता है, कौन-सी पॉलिसियां Policy इसके लिए होती हैं और यह कैसे कैलकुलेट calculate किया जाता है।
बोनस कैसे जनरेट होता है?
जब आप प्रीमियम Premium भरते हैं, तो वह रकम बीमा कंपनी company की कुल संपत्ति का हिस्सा बन जाती है। कंपनी company इस धन को मुख्य रूप से सरकारी सिक्योरिटीज और कुछ हिस्सा इक्विटी में निवेश करती है।
इन निवेशों से मिलने वाला रिटर्न return और कंपनी का क्लेम claim एक्सपीरियंस मिलकर एक सरप्लस बनाते हैं। यही सरप्लस कंपनी अपने पॉलिसीहोल्डर्स policy holder के बीच बोनस bonus के रूप में बांटती है। अगर किसी साल कंपनी company की एसेट वैल्यू उसकी देनदारियों से ज्यादा होती है, तो यह अतिरिक्त रकम भी बोनस bonus के तौर पर दी जाती है।
कौन-सी पॉलिसियां बोनस देती हैं?
केवल पार्टिसिपेटिंग (With-Profit) पॉलिसियां Policy ही बोनस bonus पाने की सुविधा देती हैं। इन पॉलिसियों policy में कंपनी company के मुनाफे का हिस्सा आपको मिलता है। जैसे रीवर्शनरी बोनस,
कैश बोनस, इंटरिम बोनस, टर्मिनल बोनस शामिल है।
वहीं टर्म प्लान और ULIP (Unit-Linked Plans) में बोनस नहीं मिलता, क्योंकि इनमें प्रॉफिट-शेयरिंग sharing का विकल्प नहीं होता।
बोनस के प्रकार
1. सिंपल रीवर्शनरी बोनस (Simple Reversionary Bonus)
यह बोनस bonus आपकी सम एश्योर्ड पर हर साल year तय प्रतिशत के हिसाब से जुड़ता रहता है। भुगतान केवल मेच्योरिटी या डेथ क्लेम claim पर होता है।
2. कंपाउंड रीवर्शनरी बोनस (Compound Reversionary Bonus)
इसमें हर साल year का बोनस bonus पिछले बोनस bonus जोड़कर नए टोटल पर कैलकुलेट calculate होता है। यानी कि यह कंपाउंड इंटरेस्ट की तरह बढ़ता है।
3. इंटरिम बोनस (Interim Bonus)
अगर पॉलिसी मैच्योर हो जाए या पॉलिसीहोल्डर policy holder की मृत्यु बोनस घोषणा से पहले हो जाए, तो कंपनी company बीच का बोनस bonus इंटरिम बोनस के रूप में देती है।
4. कैश बोनस (Cash Bonus)
यह बोनस साल Year के अंत में कैश cash के रूप में मिलता है। इसे लेने के लिए पॉलिसी policy के मेच्योर होने का इंतजार नहीं करना पड़ता।
5. टर्मिनल बोनस (Terminal Bonus)
यह एक बार मिलने वाला बोनस bonus है, जो सिर्फ पॉलिसी policy को लंबे समय तक जारी रखने पर मिलता है। यह केवल मेच्योरिटी या मृत्यु पर दिया जाता है।
बोनस कैसे कैलकुलेट होता है?
सिंपल रीवर्शनरी बोनस
मान लीजिए आपका सम एश्योर्ड ₹5,00,000 है और बोनस रेट bonus rate 2% है। तो साल का बोनस bonus ₹10,000 तक मिल सकता है।
कंपाउंड रीवर्शनरी बोनस
पहले साल year में ₹10,000, दूसरे साल में 2% का (₹5,00,000 + 10,000) = ₹10,200 रुपये rupye होगा। इस तरह यह हर साल बढ़ता रहता है।
इंटरिम बोनस
यह बोनस bonus आखिरी घोषित बोनस से लेकर पॉलिसी Policy के मैच्योर होने या क्लेम claim होने के दिन तक के आधार पर कैलकुलेट calculate किया जाता है।
कैश बोनस
अगर आपने सालाना प्रीमियम ₹20,000 दिया और बोनस रेट 2% है, तो कैश बोनस ₹400 होगा।