समायोजन: बेसिक स्कूलों में कम छात्र संख्या पर नहीं होंगे प्रधानाध्यापक

समायोजन: बेसिक स्कूलों में कम छात्र संख्या पर नहीं होंगे प्रधानाध्यापक

बुलंदशहर, बेसिक शिक्षा विभाग basic shiksha vibhag के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों school में पढ़ा रहे शिक्षक अब छात्र संख्या के आधार पर प्रधानाध्यापक headmaster बनेंगे। शासन की गाइड लाइन ने जिले District के शिक्षकों Teacher की टेंशन बढ़ा दी है।स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर प्रधानाध्यापक headmaster के मानक तय होने के बाद सहायक अध्यापक AT से प्रधानाध्यापक बनने की बांट जोह रहे शिक्षकों Teacher को झटका भी लगा है। जिन परिषदीय स्कूलों school में 150 से अधिक छात्र संख्या हैं केवल वहीं पर एक प्रधानाध्यापक का पद होगा। जिले में 1869 बेसिक स्कूल school हैं। स्कूलों school में अब छात्र संख्या के हिसाब से प्रधानाध्यापक headmaster रखे जाएंगे। मगर अब फिर से सरप्लस शिक्षकों Teacher को हटाने के आदेश आ गए हैं तो इसमें काफी शिक्षक प्रभावित होंगे।

विभाग vibhag की मानें तो सरप्लस शिक्षकों Teacher का डाटा तैयार किया जा रहा है और जल्द शिक्षकों Teacher को दूसरे स्कूलों school में समायोजित कर दिया जाएगा। गत वर्ष भी जिले में समायोजन किया गया था तो इस बार फिर से स्कूलों school में सरप्लस surplus शिक्षकों को निकालकर दूसरे स्कूलों school में भेजा जाएगा। —– 100 और 150 बच्चे अनिवार्य परिषदीय स्कूलों school में प्रधानाध्यापक headmaster बनाने के लिए शासन ने जो गाइड लाइन Guidelines जारी कि है उसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय vidyalaya में 100 और उच्च प्राथमिक में 150 छात्र संख्या अनिवार्य है। यदि छात्र संख्या कम रहती है यहां प्रधानाध्यापक सृजित नहीं होगा, छात्र संख्या बढ़ने पर प्रधानाध्यापक headmaster बनेंगे। जिले की बात करें तो यहां अधिकांश स्कूलों school में मौजूदा समय में कार्यवाहक प्रधानाध्यापक कार्यत हैं।

वर्ष 2016 में जो पदोन्नति हुई उसमें काफी संख्या में शिक्षक प्रधानाध्यापक headmaster बन गए थे। — 1200 स्कूलों में गड़बड़ाई व्यवस्था जिले के 1200 परिषदीय स्कूलों school में प्रधानाध्यापक पद न होने से व्यवस्था चरमराई हुई है। विभाग vibhag की मानें तो करीब 700 स्कूल ऐसे हैं जिनमें शिक्षकों Teacher को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक बना रखा है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जबकि 400 स्कूलों school में छात्र संख्या कम होने के कारण वहां पर प्रधानाध्यापक नहीं हैं। वहां पर वरिष्ठ अध्यापक को जिम्मेदारी सौंप रखी है। शिक्षकों Teacher पर भी कार्य अधिक होने के कारण स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था ठप रहती है। —– कोट — शासन ने छात्र संख्या के आधार पर बेसिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक headmaster बनाने के निर्देश दिए हैं। शासन की गाइड लाइन पर विभाग में कार्य होता है। जिले में फिर से सरप्लस शिक्षक Teacher निकाले जाएंगे और उन्हें दूसरे स्कूलों में भेजा जाएगा। -डा. लक्ष्मीकांत पांडे्य, BSA

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