TET 2026 : शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन पर चिंता में 1.86 लाख बेसिक शिक्षक, बिना टीईटी किए विद्यालयों में हैं कार्यरत, पढ़िए सूचना
प्रयागराज। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट SC ने बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) TET उत्तीर्ण बेसिक शिक्षा परिषद Basic shikshak parishad के विद्यालयों vidyalaya में नियुक्त शिक्षकों Teacher को सेवा में बने रहने के लिए 2 वर्ष में टीईटी TET उत्तीर्ण होने का समय दिया है।दूसरी तरफ जिस शिक्षा सेवा चयन आयोग को यह परीक्षा Exam करानी है, उसमें पूर्णकालिक अध्यक्ष नहीं हैं।
परीक्षा का निर्णय लेने वाले अध्यक्ष दे चुकी हैं त्यागपत्र
टीईटी परीक्षा Exam आयोजन 29 व 30 जनवरी 2026 को कराए जाने का निर्णय 1 अगस्त को जिस अध्यक्ष ने लिया था, वह 26 सितंबर September को पद से त्यागपत्र दे चुकी हैं। ऐसे में अब इस परीक्षा Exam के आयोजन पर निर्णय आयोग में आने वाले पूर्णकालिक अध्यक्ष को लेना है कि निर्धारित तिथि पर परीक्षा कराई जाएगी या नहीं। इस स्थिति में विशेष रूप से बेसिक शिक्षा परिषद basic shiksha vibhag के 1.86 लाख वह शिक्षक Teacher चिंतित हैं, जो बिना टीईटी TET किए विद्यालयों vidyalaya में कार्यरत हैं।
पहली बार परीक्षा उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा
उत्तर प्रदेश UP शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) TET का आयोजन पहली बार उत्तर प्रदेश UP शिक्षा सेवा चयन आयोग को कराना है। इसके पूर्व यह परीक्षा उत्तर प्रदेश UP परीक्षा Exam नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) कराता था।
सुप्रीम कोर्ट का क्या है महत्वपूर्ण निर्णय
सुप्रीम कोर्ट SC ने 1 सितंबर को महत्वपूर्ण निर्णय दिया है कि बेसिक शिक्षा परिषद basic shiksha parishad के विद्यालयों vidyalaya में बिना टीईटी TET के चयनित शिक्षकों Teacher को सेवा में बने रहने के लिए 2 वर्ष के भीतर टीईटी TET उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इस निर्णय का बिना टीईटी TET वाले कार्यरत शिक्षक विरोध कर रहे हैं। प्रदेश सरकार Government भी उनके साथ है और शिक्षकों के हित में सरकार पुनर्विचार की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट SC गई है। मामले में सुप्रीम कोर्ट SC का निर्णय आना बाकी है, लेकिन शिक्षक टीईटी TET की तैयारी में जुट गए हैं, ताकि उनके विरोध में सुप्रीम कोर्ट SC का निर्णय आने पर वह टीईटी TET उत्तीर्ण कर सेवा में बने रह सकें।




