मर्ज विद्यालयों के शिक्षक कर रहे बाल वाटिका में ड्यूटी, पढ़िए सूचना
संतकबीरनगर जिले के मर्ज Marge हुए 105 विद्यालयों vidyalaya को बाल वाटिका Bal vatika के रूप में विकसित कर दिया गया है। भवनों पर बाल वाटिका लिखवाकर जिम्मेदारों ने चुप्पी साध ली है।यहां पर शिक्षक Teacher रोज ड्यूटी Duty करने पहुंच रहे हैं, लेकिन बच्चे हैं ही नहीं। कुछ विद्यालयों vidyalaya में कक्षा एक के बच्चे आ भी रहे हैं तो उन्हें एमडीएम Mdm भी नहीं मिल पा रहा है। शिक्षकों Teacher को लेकर स्पष्ट गाइड लाइन न आने के कारण हर कोई ऊहापोह की स्थिति में है। जनपद में 50 से कम छात्र संख्या वाले कुल 105 विद्यालयों vidyalaya को दूसरे विद्यालय vidyalaya से मर्ज Marge कर दिया गया है।
मर्ज होने के बाद बच्चे तो नए विद्यालय में चले गए, लेकिन शिक्षक आज भी पुराने विद्यालय पर ही ड्यूटी कर रहे हैं। विद्यालयों को बाल वाटिका का नाम दे दिया गया है, लेकिन वहां कोई सुविधा नहीं है। बच्चे भी नहीं आ रहे हैं।
कुछ जगहों पर अधिकारियों के निर्देश पर मर्ज विद्यालयों में शिक्षकों को पढ़ाने के लिए भेजा जा रहा है, लेकिन उनकी उपस्थिति बाल वाटिका वाले विद्यालय पर ही बन रही है। इस कारण शिक्षकों में भी ऊहापोह की स्थिति है। शिक्षकों के अनुसार बच्चों के मर्ज होने के बाद उन्हें भी स्थानान्तरित किया जाना चाहिए था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका। बीएसए अमित कुमार सिंह ने कहा कि मर्ज विद्यालयों के शिक्षक बाल वाटिका पर ड्यूटी कर रहे हैं। जिन विद्यालयों में मर्ज किया गया है छात्र संख्या के अनुसार शिक्षकों को वहां पढ़ाने के लिए भेजा गया है। लेकिन अभी उनकी तैनाती को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।