8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बदल गए ये बड़े नियम, सैलरी से लेकर पेंशन समेत पर खुशखबरी

8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बदल गए ये बड़े नियम, सैलरी से लेकर पेंशन समेत पर खुशखबरी

8th Pay Commission : साल 2025 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नजरें ज्यादातर 8वें वेतन आयोग पर टिकी रहीं। आयोग की घोषणा, टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) तय होना और सदस्यों की नियुक्ति से यह उम्मीद बनी कि 2026 में सैलरी और पेंशन बढ़ेगी। लेकिन साल के आखिर तक तस्वीर साफ हो गई। 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है और नए आयोग को रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का वक्त मिला है। ऐसे में अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि नई सैलरी और पेंशन 2027 के आखिर या 2028 की शुरुआत से पहले लागू नहीं होंगी। यानी 2025 इंतजार का साल रहा, बड़े फायदे का नहीं।

मिली हैं ये राहतें
हालांकि, यह साल पूरी तरह खाली भी नहीं गया। सबसे बड़ी राहत पेंशन को लेकर मिली। सोशल मीडिया पर पेंशन बंद होने, डीआर खत्म होने या भविष्य में कटौती जैसे दावों से कर्मचारियों और पेंशनर्स में डर था। सरकार ने बार-बार साफ किया कि मौजूदा पेंशन व्यवस्था सुरक्षित है और किसी भी बदलाव के लिए तय प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इससे खासकर रिटायर होने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स को मानसिक सुकून मिला। इसके अलावा एनपीएस से जुड़े नियमों में भी अहम बदलाव हुए। अब रिटायरमेंट पर पूरा एनपीएस फंड निकालने की सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं 8 से 12 लाख रुपये के कॉर्पस वालों के लिए नया विकल्प दिया गया, जिससे रिटायरमेंट प्लानिंग थोड़ी आसान हुई।

महंगाई के मोर्चे पर भी राहत
महंगाई के मोर्चे पर भी कुछ राहत मिली। 2025 में भले ही नई सैलरी नहीं आई, लेकिन महंगाई भत्ता (DA) लगातार सहारा बना रहा। मार्च में 2 फीसदी और अक्टूबर में 3 फीसदी की बढ़ोतरी से पूरे साल में कुल 5 फीसदी डीए बढ़ा। कई कर्मचारियों के लिए यही इकलौता नियमित इंक्रीमेंट था, जिससे बढ़ती महंगाई का कुछ असर कम हुआ। खाने-पीने, किराए और रोजमर्रा के खर्चों में इस बढ़ोतरी ने थोड़ी राहत जरूर दी।

सुधारों का साल रहा

इसके साथ ही 2025 में डिजिटलाइजेशन और सर्विस नियमों को आसान बनाने पर भी जोर रहा। पेंशन, छुट्टी, ट्रांसफर और शिकायतों से जुड़े कई काम ऑनलाइन हुए, जिससे फाइलों के चक्कर कम पड़े। साथ ही सरकार ने यह भी साफ किया कि आगे किन भत्तों और सर्विस कंडीशंस की समीक्षा होगी और क्या चीजें जस की तस रहेंगी। कुल मिलाकर 2025 कोई बड़े फायदे का साल नहीं रहा, लेकिन स्थिरता, साफ नियमों और धीरे-धीरे सुधारों का साल जरूर रहा। अब 2026 में कर्मचारियों की नजरें तारीख से ज्यादा इस बात पर हैं कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें कितनी मजबूत और न्यायसंगत होती हैं।

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